इन दिनों आधार लिंक को लेकर आए दिन खबरें गर्म हैं. ज्यादातर बैंक और टेलीकॉम कंपनी अपने ग्राहकों को अकाउंट या सिम से आधार को लिंक करना अनिवार्य कर दिया है. ऐसे में अब भारतीय एयरटेल अपने ग्राहकों आधार लिंक करने को कह रही हैं.
बता दें कि यूआइडीएआइ ने भारती एयरटेल को ई-केवाईसी के जरिये ग्राहकों का वेरिफिकेशन करने की मंजूरी दे दी है. लेकिन एयरटेल को यह मंजूरी केवल 10 जनवरी तक ही दी है. वही अभी भी एयरटेल पेमेंट बैंक पर यूआइडीएआइ रोक जारी रहेगी.
ख़बरों के मुताबिक यूआइडीएआइ ने एयरटेल को आधार के जरिये इन ग्राहकों की पहचान की इजाजत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) की 138 करोड़ रुपये की राशि 55.63 लाख ग्राहकों के मूल बैंक खाते में वापस करने के बाद ही दी है.
ये भी पढ़ें: अब अगले हफ्ते लोकसभा में पेश किया जाएगा तीन तलाक बिल
प्राधिकरण ने एयरटेल के समक्ष यह शर्त रखी थी कि पहले वह यह राशि वापस करे. इस आशय का दूसरा अंतरिम आदेश प्राधिकरण ने 31 मार्च तक मोबाइल कनेक्शन को आधार से लिंक करने के लक्ष्य को देखते हुए दिया है. ताकि उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी के जरिये वेरिफिकेशन की सुविधा मिल सके. प्राधिकरण अब 10 जनवरी के बाद रिजर्व बैंक और दूरसंचार विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद इस मामले की समीक्षा करेगी.
प्राधिकरण ने रिजर्व बैंक और दूरसंचार विभाग से एक ऐसा तंत्र विकसित करने को कहा है जिसके तहत आवेदन, प्रोसेस और दस्तावेजों का विस्तृत ब्यौरा हो. इससे भारती एयरटेल के बारे में यह जांच की जा सकेगी कि कंपनी अपने लाइसेंस की शर्तो का पालन कर रही है या नहीं.
यूआइडीएआइ ने एयरटेल पर शर्ते लगाई हैं कि कंपनी को 24 घंटे में ग्राहकों को यह सूचित करना होगा कि डीबीटी की राशि उसके मूल खाते में वापस जमा कर दी गई है. एयरटेल ई-केवाईसी सुविधा का इस्तेमाल नए सिम कार्ड जारी करने और मौजूदा ग्राहकों के फिर से वेरिफिकेशन के लिए ही कर पाएगा.