कलम का कमाल

एक ख़बर के मुताबिक़, एक महिला के पेट में 25 वर्षों तक रहने के बावजूद एक कलम अभी भी काम कर रही है. यह 76 वर्षीय महिला लगातार कम हो रहे वजन और डायरिया से परेशान होकर डॉक्टर के पास पहुंची.

कलम का सच्चा सिपाही

आलोक तोमर के निधन की ख़बर समूचे मीडिया जगत में जंगल में लगी आग की तरह फैल गई. एक पत्रकार साथी ने जैसे ही मुझे बताया कि कलम के सिपाही आलोक तोमर सदा के लिए सो गए तो मुझे सहसा विश्वास ही नहीं हुआ.