Tag: Legislators

उत्तर प्रदेशः घोटालों के गुरुघंटाल

उत्तर प्रदेशः घोटालों के गुरुघंटाल

सामाजिक एवं राजनीतिक मंच पर एक-दूसरे की टांग खींचने और खून के प्यासे लगने वाले नेताओं का असली चेहरा जनता कभी-कभी देख पाती है. सबके अपने-अपने स्वार्थ हैं, जो उन्हें एक-दूसरे के क़रीब लाते हैं. नेताओं की मिलीभगत के चलते...

अराजकतावादी नक्सलवाद : पुनर्विचार की ज़रूरत

अराजकतावादी नक्सलवाद : पुनर्विचार की ज़रूरत

नक्सलवादियों की हाल-फिलहाल की गतिविधियों से ऐसा लगता है कि वे अपने उद्देश्यों से भटकते जा रहे हैं. कुछ समय पहले मलकानगिरी के ज़िलाधिकारी का अपहरण कर लिया गया, उड़ीसा में एक विधायक और इटली के दो नागरिकों का अपहरण...

उत्तर प्रदेश और निर्दलीय उम्मीदवार : कभी घी घना, कभी मुट्ठी भर चना, कभी वह भी मना

उत्तर प्रदेश और निर्दलीय उम्मीदवार : कभी घी घना, कभी मुट्ठी भर चना, कभी वह भी मना

सूबे में गठबंधन राजनीति का दौर क्या आया, निर्दलीयों की अहमियत में चार चांद लग गए, उनका मोल लगने लगा. हालांकि निर्दलीयों के लिए ऐसा अवसर कई बार आया, जब सत्ता की दावेदारी रखने वालों ने उन्हें लालबत्ती से नवाज़...

विधायक जी बैठक से गायब क्यों थे

विधायक जी बैठक से गायब क्यों थे

जनता और जनप्रतिनिधियों का आमना-सामना पांच सालों में स़िर्फ एक बार ही होता है. वह तब, जब विधायक जी विधायक बनने की आस में जनता के आगे हाथ फैलाकर वोटों की भीख मांगते हैं. चुनाव खत्म होते ही जनप्रतिनिधि असली...

आप भी भ्रष्टाचार से लड़ सकते हैं

आप भी भ्रष्टाचार से लड़ सकते हैं

भ्रष्टाचार देश को घुन की तरह खा रहा है. अ़फसर से लेकर नेता तक हर कोई लूट के खेल में लगा हुआ है. विधायकों एवं सांसदों का वेतन-भत्ता सुरसा के मुंह की तरह बढ़ता जा रहा है. रातोंरात बनते इनके...

राजनीति है, रिश्तों का क्या

राजनीति है, रिश्तों का क्या

उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव में दोस्ती की नई बुनियाद पड़ चुकी है. इस दोस्ताने में बसपा फायदे में है तो कांग्रेस हाथ मलती नज़र आ रही है. यह संबंध बसपा के स्वामी प्रसाद मौर्या और कांग्रेस की राजकुमारी रत्ना...

सियासत की सीढ़ी बनी शीलू

सियासत की सीढ़ी बनी शीलू

चोरी के आरोप में सलाखों के पीछे पड़ी शीलू को न्याय दिलाने के लिए राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों में होड़ मची है. सपा, भाजपा और कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर धरना-प्रर्दशन कर रहे हैं. गुलाबी गैंग पहले ही उसकी मदद...

आ़खिर क्यों मानें क़ानून?

आ़खिर क्यों मानें क़ानून?

वैसे तो कहा जाता है कि क़ानून अंधा होता है, जिसका तात्पर्य यह है कि क़ानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध न्यायिक प्रक्रिया बिना भेदभाव के चलनी चाहिए पर यह कथन केवल कथन मात्र ही है. वास्तविकता इससे अलग...

खुद को मसीहा समझते हैं जन प्रतिनिधि

खुद को मसीहा समझते हैं जन प्रतिनिधि

असम में विधायकों के निवास पर ग्रामीणों की भीड़ सहज ही देखी जा सकती है. पार्टी के कैडर प्रत्येक आगंतुक की व़फादारी की जांच करते हैं, फिर उसके आवेदन को आगे बढ़ाने की स़िफारिश करते हैं. यह ग्रामीण असम का...

करगहरः कौन बनेगा पहला विधायक?

करगहरः कौन बनेगा पहला विधायक?

नए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आए करगहर में चर्चा है कि यहां का पहला विधायक कौन बनेगा? यहां से खम ठोक रहे जदयू के रामधनी सिंह, लोजपा के शंकर कुशवाहा, कांग्रेस के आलोक सिंह, कांग्रेस (जे) के रमेश तिवारी...

चुनावी तड़काः विधायक जी नहीं बोल सकते क्या!

चुनावी तड़काः विधायक जी नहीं बोल सकते क्या!

राहुल की सभा में उत्तर बिहार के कई ज़िलों के कांग्रेसी नेता एवं टिकटार्थी पूरे दल-बल के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे थे. सभा आयोजन के 24 घंटे पूर्व से ही समस्तीपुर शहर के सभी आवासीय होटल एवं रेस्ट...

नीतीश को पटखनी देंगे शरद

नीतीश को पटखनी देंगे शरद

राज्यसभा में महिला बिल को लेकर हुई फजीहत के बाद आहत शरद यादव ने लोकसभा में आने वाले इस बिल और राज्यसभा चुनाव में नीतीश कुमार को पटखनी देने की तैयारी शुरू कर दी है.

सार –संक्षेप : महिलाएं पुलिस में झूठी रिपोर्ट लिखवाती हैं

महिलाओं के हितों की सुरक्षा के लिए बनाए गए दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा जैसे विशेष क़ानून का महिलाएं ही नाजायज़ फायदा उठा रही हैं. महिला थाना पुलिस के पास 50 फीसदी ऐसे मामले आ रहे हैं जिनमें पति या...

विधायक कोष : आपके विधायक जी ने कितना काम किया?

विधायक कोष : आपके विधायक जी ने कितना काम किया?

कोई नेता जब आप से वोट मांगने आता है तो क्या कहता है? वह कहता है कि आप उसे वोट दें ताकि वह आने वाले पांच सालों तक आपकी सेवा करता रहे. मतलब, जनता मालिक और नेता सेवक. लेकिन चुनाव...

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