Tag: . मीडिया

रक्षा मंत्रालय और सेना की सबसे बड़ी चूक

रक्षा मंत्रालय और सेना की सबसे बड़ी चूक

राजनीति करना और शासन कला में माहिर होना दो अलग-अलग चीजें हैं. राजनीति जहां जन-समर्थन हासिल करने का कौशल है, वहीं शासन कला देश को सुरक्षित रखने का. जो राजनेता इस अंतर को समझते हैं, वे नादानी नहीं करते, उनसे...

शानदार सलीम खान के बेटे हैं सलमान खान

शानदार सलीम खान के बेटे हैं सलमान खान

सलमान खान की शख्सियत भी अजीबो-गरीब है. सबकी मदद करने वाला शख्स हमेशा गलत वजहों से मीडिया की सुर्खियों नजर आता है. फिल्मी दुनिया के लोगों से सलमान के बारे में पूछा जाये तो शायद ही कोई मिले जो उनकी...

आधार कार्ड : देश को गिरवी रखने का षड्यंत्र

आधार कार्ड : देश को गिरवी रखने का षड्यंत्र

मैं यहां सांसदों को भी बताना चाहता हूं कि सर्वोच्च न्यायालय ने यह फैसला किया है कि आधार कार्ड अनिवार्य नहीं किया जाएगा. सर्वोच्च न्यायालय इस बारे में दो-दो, तीन-तीन बार अपनी बात कह चुका है, लेकिन यह सरकार हर...

मीडिया आलोचना से परे नहीं है

मीडिया आलोचना से परे नहीं है

पेड न्यूज चिंता का एक  विषय है. यह है क्या? पेड न्यूज का मतलब है संपादक, रिपोर्टर या प्रकाशक द्वारा पैसा लेकर खबर छापना. शायद इससे उन्हें कोई फर्क़ नहीं पड़ता. लेकिन, जैसे ही पेड न्यूज के रूप में कोई...

28 साल बाद हाशिमपुरा

28 साल बाद हाशिमपुरा

दरभंगा के बाबूद्दीन और मुजीबुर्रहमान के हौसले को सलाम  साल 1982 की बात है. बिहार के दरभंगा से रोजी-रोटी की तलाश में 16 साल का बाबूद्दीन हजार किलोमीटर दूर मेरठ आ गया था. मेरठ के हाशिमपुरा मोहल्ले में हथकरघा का...

ग़ैर हिंदी प्रदेश में हिंदी का परचम

ग़ैर हिंदी प्रदेश में हिंदी का परचम

ग़ैर हिंदी प्रदेश मुंबई में आयोजित लिट ओ फेस्ट में हिंदी को लेकर कई सत्र थे. यह बात खास तौर पर रेखांकित की जानी चाहिए कि चाहे वह हिंदी कविता पाठ का सत्र हो या फिर हिंदी कितनी लोकप्रिय नामक...

दिल्ली का बाबू : एक और खेमका!

दिल्ली का बाबू : एक और खेमका!

सरकार के बदलने का हरियाणा के उन बाबुओं के लिए कोई खास मतलब नहीं है, जो भूपेंद्र सिंह हुड्डा शासन में बच गए थे, लेकिन उन्हें अशोक खेमका और संजीव चतुर्वेदी जैसे अधिकारियों से काफी संघर्ष करना पड़ा. इन दोनों...

प्लीज़, मेरे सवालों का जवाब दे दो

प्लीज़, मेरे सवालों का जवाब दे दो

आज मैं आप लोगों के सामने सिर्फ चंद सवाल रखना चाहती हूं, और आप लोगों से उनके जवाब चाहती हूं. क्योंकि आप लोग इन सब चीज़ों के लिए ज़िम्मेदार हैं. आप में मैं भी शामिल हूं. आज मुझे बड़ी उम्मीद...

दिल्ली विधानसभा चुनाव: केजरीवाल के अस्तित्व का सवाल है

दिल्ली विधानसभा चुनाव: केजरीवाल के अस्तित्व का सवाल है

दिल्ली में आजकल हर जगह केजरीवाल की गूंज सुनाई दे रही है. रेडियो पर केजरीवाल, मेट्रो में केजरीवाल, ऑटो पर केजरीवाल, होर्डिंग्स में केजरीवाल. हर जगह केजरीवाल नज़र आ रहे हैं. इसकी वजह यह है कि दिल्ली में होने वाला...

पुस्तक मेला नहीं, सांस्कृतिक आंदोलन

पुस्तक मेला नहीं, सांस्कृतिक आंदोलन

अगर किसी पुस्तक मेले में एक दिन में एक लाख लोग पहुंचते हों, तो इससे किताबों के प्रति प्रेम को लेकर एक आश्‍वस्ति होती है. यही हुआ हाल ही में संपन्न पटना पुस्तक मेला में. पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान...

यूआईडी कार्ड खतरनाक है : देश में क़ानून का राज ख़त्म हो गया है

यूआईडी कार्ड खतरनाक है : देश में क़ानून का राज ख़त्म हो गया है

नरेंद्र मोदी सरकार को देश की सुरक्षा और भविष्य की चिंता नहीं हैं. अगर है, तो फिर वह देश की सुरक्षा से समझौता करने पर क्यों तुली है. मनमोहन सरकार से तो हमें कोई उम्मीद भी नहीं थी, लेकिन अगर...

यूआईडी से देश की सुरक्षा को ख़तरा

यूआईडी से देश की सुरक्षा को ख़तरा

जितनी भी बायोमैट्रिक जानकारियां हैं, उनकी देखरेख और ऑपरेशन उन कंपनियों के हाथों में है, जिनका रिश्ता ऐसे देशों से है, जो जासूसी कराने के लिए कुख्यात हैं और उन कंपनियों के हाथों में है, जिन्हें विदेशी खुफिया एजेंसियों के...

आधार कार्ड पर पुनर्विचार करने  वक़्त आ गया है

आधार कार्ड पर पुनर्विचार करने वक़्त आ गया है

संसद में यूआईडी को लेकर बिल लंबित रहा और इधर कार्ड बनने लगे. अब तक छह करोड़ से ज्यादा यूआईडी कार्ड बन चुके हैं. चुनाव के बाद मोदी सरकार आई. मोदी सरकार भी यूपीए सरकार के बनाए रास्ते पर चल...

बर्लिन वॉल के विघ्वंस के 25 साल: वास्तविक दिवार के गिरने में अभी वक़्त लगेगा

बर्लिन वॉल के विघ्वंस के 25 साल: वास्तविक दिवार के गिरने में अभी वक़्त लगेगा

जर्मनी में चांसलर एंजेला मार्केल के नेतृत्व में बर्लिन की दीवार गिराए जाने की 25 वीं वर्षगांठ का जश्‍न बड़ी धूम-धाम से मनाया गया. इस मौके पर संगीत कार्यक्रम आयोजित किए गए. भाषण दिए गए. आसमान में गुब्बारे उड़ाए गए....

मोदी का आदर्श ग्राम

मोदी का आदर्श ग्राम

दिल्ली हो या गुजरात हो या फिर बनारस का एक गांव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां भी बोलते हैं, उन्हें पूरा देश सुनता है. बनारस के जयापुर गांव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो बातें आदर्श ग्राम को लेकर कहीं, उनसे...

मेरठ दंगा : सरकारी जांच का सबसे शर्मनाक अध्याय है

मेरठ दंगा : सरकारी जांच का सबसे शर्मनाक अध्याय है

मेरठ दंगा आज़ाद भारत में पुलिस की बर्बरता का सबसे घिनौना अध्याय है. लेकिन, इससे भी शर्मनाक बात यह है कि इसके 26 साल बीत जाने के बाद भी किसी एक गुनहगार को सजा नहीं मिली. इससे भी ज़्यादा शर्मनाक...

मोदियानो को साहित्य का नोबेल

मोदियानो को साहित्य का नोबेल

मैं पेरिस के बाज़ार में टहल रहा था, जब मेरी बेटी ने फोन पर मुझे सूचना दी कि स्वीडिश अकादमी ने साहित्य के लिए इस साल के नोबेल पुरस्कार से मुझे सम्मानित करने का फैसला लिया है. मैंने कभी नहीं सोचा...

मीडिया की साख से मत खेलिए

मीडिया की साख से मत खेलिए

अब सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा का कोई मतलब ही नहीं रहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव प्रचार अभियान में जिस भाषा-शैली का इस्तेमाल किया, वैसी भाषा-शैली का इस्तेमाल इससे पहले किसी भी प्रधानमंत्री ने...

उत्तर-प्रदेश : कांग्रेस की चिंतन बैठक से वरिष्ठ नेता नदारद

उत्तर-प्रदेश : कांग्रेस की चिंतन बैठक से वरिष्ठ नेता नदारद

कांग्रेस पार्टी के खाते में अब केवल तिकड़म और परस्पर खींचतान ही शेष है. सियासी संभावनाओं और भविष्य की स्थापना के प्रयास पर कांग्रेस के नेताओं ने काम करना छोड़ दिया है. पिछले दिनों प्रदेश कांग्रेस की लखनऊ में हुई चिंतन...

मोहनलालगंज कांड पर राजनाथ मुलायम क्यों…!

मोहनलालगंज कांड पर राजनाथ मुलायम क्यों…!

राजनीतिक विश्‍लेषकों का तो यह कहना है कि लोस चुनाव में राजनाथ की राह को पहले मुलायम सिंह ने अहम भूमिका निभाई और केंद्र में सत्तासीन होने के बाद अब राजनाथ की बारी आ गई थी कि वे सपा प्रमुख...

समन्वय के फॉर्मूले से बढ़े हिंदी

समन्वय के फॉर्मूले से बढ़े हिंदी

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर ने कहा था कि सरकार का धर्म है कि वह काल की गति पहचाने और युग धर्म की पुकार का बढ़कर आदर करे. दिनकर ने यह बात साठ के दशक में संसद में भाषा संबंधी बहस...

भिलाई स्टील प्लांट हादसा सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

भिलाई स्टील प्लांट हादसा सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

बीते 12 जून को भिलाई स्टील प्लांट में गैस रिसाव के चलते छह लोगों की जान चली गई और क़रीब तीन दर्जन से ज़्यादा लोग हादसे की चपेट में आए. भिलाई गैस हादसे ने लोगों के जेहन में भोपाल गैस...

सच्चाई पर पर्दा डालने की समाजवादी साजिश

सच्चाई पर पर्दा डालने की समाजवादी साजिश

उत्तर प्रदेश की बिगड़ी क़ानून व्यवस्था कहीं समाजवादी सरकार के लिए अस्थिरता का कारण न बन जाए, यह चिंता समाजवादी थिंक टैंक को अंदर ही अंदर खोखला किए जा रही है. मात्र दो-सवा दो वर्षों में अखिलेश सरकार के ऊपर...

सोशल मीडिया का राजनीतिक दखल

सोशल मीडिया का राजनीतिक दखल

16 वीं लोकसभा के चुनाव को यदि तकनीक का चुनाव कहा जाए तो यह कतईं गलत नहीं होगा. चुनाव प्रचार से लेकर मतदान और मतगणना तक सब कुछ नई तकनीक पर आधारित था. तकनीक के सफल उपयोग के लिए इन...

चुनावों पर पैनी रही विदेशी मीडिया की निगाह

चुनावों पर पैनी रही विदेशी मीडिया की निगाह

देश की 16वीं लोकसभा के लिए चुनाव समाप्त हो चुके हैं. कई मायनों में ऐतिहासिक रहे इस चुनाव पर न सिर्फ देश के मीडिया की नजर रही बल्कि विदेशी मीडिया ने भी इस पर पूरी निगाह रखी. विदेशी मीडिया में...

क्यों हारे नीतीश और लालू

क्यों हारे नीतीश और लालू

यह आशंका जताई जा रही थी कि बिहार में भाजपा का विजय रथ थम जाएगा. चुनाव के अंतिम चरण के आते-आते मीडिया में भी यह हवा बन चुकी थी कि लालू यादव बहुत तेजी से आगे बढ रहे है. इसमें...

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