Tag: प्रजातंत्र

आज़ादी की दूसरी लड़ाई अन्ना हज़ारे

आज़ादी की दूसरी लड़ाई अन्ना हज़ारे

जिस आज़ादी का जश्‍न हम स्वतंत्रता दिवस के दिन मना रहे हैं, वह बस शब्दों तक सीमित होकर रह गई है. उसके मायने कहीं खो गए हैं. अगर हम इसकी वज़ह तलाशें, तो राजनीतिक दल ही इसके लिए सबसे बड़े...

संविधान में राजनीतिक दल का जिक्र नहीं है : बंधुत्व एकता की सीढ़ी है

संविधान में राजनीतिक दल का जिक्र नहीं है : बंधुत्व एकता की सीढ़ी है

पिछले अंक में आपने 26 जनवरी, 1950 को भारत के प्रजातांत्रिक देश बन जाने के बारे में पढ़ा. इस समापन किस्त में आपसी भाईचारे, बंधुत्व एवं एकता की चर्चा है, जो किसी भी देश और समाज के विकास के लिए...

सीएजी के प्रति कांग्रेस का रवैया यह प्रजातंत्र पर हमला है

सीएजी के प्रति कांग्रेस का रवैया यह प्रजातंत्र पर हमला है

सीएजी (कंप्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) यानी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट आई तो राजनीतिक हलक़ों में हंगामा मच गया. सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 2006-2009 के बीच कोयले के आवंटन में देश को 1.86 लाख करोड़ का...

राइट टू रिकॉल और राइट टू रिजेक्‍ट के बिना यह प्रजातंत्र अधुरा है

राइट टू रिकॉल और राइट टू रिजेक्‍ट के बिना यह प्रजातंत्र अधुरा है

अन्ना हजारे मूल बातें कहते हैं, इसलिए बड़े-बड़े विद्वान उनसे बहस नहीं कर सकते. सांसद सेवक हैं और देश की जनता मालिक है. अगर सेवक मालिक की बात न माने तो मालिक को यह हक़ है कि वह उसे बाहर...

ऐसे खत्म हुआ अन्ना का अनशन

ऐसे खत्म हुआ अन्ना का अनशन

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने एक मंत्रिमंडलीय साथी से कहा कि अन्ना बदमाश हैं और उनके साथी बदमाशी कर रहे हैं. आम तौर पर मनमोहन सिंह इस भाषा के लिए जाने नहीं जाते, लेकिन शायद देश में चल रहे अन्ना...

भाजपा में बहुत दम है…

भाजपा में बहुत दम है…

भारतीय जनता पार्टी अब पार्टी विथ डिफरेंस के बजाय पार्टी इन डिलेमा बन गई है. दूसरे दलों से अलग होने का दंभ भरने वाली पार्टी अब असमंजस और विरोधाभास से ग्रसित हो चुकी है. वह भीषण गुटबाज़ी की चपेट में...

प्रजातंत्र की लडा़ई में विदेशी ताकतें

प्रजातंत्र की लडा़ई में विदेशी ताकतें

लीबिया के हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं. न तो देश की जनता का विश्वास खो देने वाले मुअम्मर ग़द्दा़फी पीछे हटने को तैयार हैं और न जनता की तऱफ से सत्ता परिवर्तन के लिए लड़ रहे लड़ाके. इस...

भ्रष्टाचार के खिला़फ जनता को आगे आना होगा

हिंदुस्तान सबसे बड़ा प्रजातंत्र होने के बावजूद दुनिया का 72 वां सबसे भ्रष्ट देश है. दुनिया में 86 ऐसे देश हैं, जहां भारत से कम भ्रष्टाचार है. आज़ादी के बाद से ही हम भ्रष्टाचार के साथ जूझ रहे हैं. भ्रष्टाचार...

काले धन पर टिका भारतीय प्रजातंत्र

काले धन पर टिका भारतीय प्रजातंत्र

मैंने दो पत्रकारों को बात करते सुना था. एक ने दूसरे से कहा कि उसने शेयर बाज़ार घोटाले के एक आरोपी को प्रधानमंत्री के पास चार करोड़ रुपये ले जाते देखा था. दूसरे ने तपाक से कहा कि उसे विश्वास...

काले धन पर टिका भारतीय प्रजातंत्र

काले धन पर टिका भारतीय प्रजातंत्र

पीवी नरसिम्हाराव के समय की एक बात मुझे हमेशा याद आती है. मैंने दो पत्रकारों को बात करते सुना था. एक ने दूसरे से कहा कि उसने शेयर बाज़ार घोटाले के एक आरोपी को प्रधानमंत्री के पास चार करोड़ रुपये...

नैतिक, रचनात्मक और राजनीतिक ज़िम्मेदारी

नैतिक, रचनात्मक और राजनीतिक ज़िम्मेदारी

प्रजातंत्र में कोई भी सरकार तब तक प्रजातांत्रिक नहीं मानी जा सकती, जब तक वह अपने देश के नागरिकों के प्रति उत्तरदायी न हो, क्योंकि वह उन्हीं के लिए और उन्हीं के नाम पर राज्य करती है. एक संसदीय व्यवस्था...

प्रजातंत्र के नाम पर चीरहरण

प्रजातंत्र के नाम पर चीरहरण

भारत ने पिछले दो दशकों में जिस ऊर्जा के साथ विकास किया है, सराहनीय है. लेकिन इस विकास का एक काला पक्ष भी है, जिसे न तो मीडिया देखना चाहता है और न ही देश का मध्यम वर्ग. इस विकास...

पश्चिम एशिया में क्रांतिः लोकतंत्र के लिए मुसलमान

पश्चिम एशिया में क्रांतिः लोकतंत्र के लिए मुसलमान

जब भी किसी देश में लोग सड़कों पर बेरोज़गारी, महंगाई, ग़रीबी या किसी अन्य मांग को लेकर सरकार के खिला़फ लामबंद होते हैं तो उसे आंदोलन कहा जाता है. लेकिन जब कोई आंदोलन विद्रोह का रूप ले लेता है, जब...

मुसलमान ही नहीं, प्रजातंत्र भी खतरे में है

मुसलमान ही नहीं, प्रजातंत्र भी खतरे में है

भारत के मुसलमान देश के सबसे पीड़ित और शोषित वर्गों का हिस्सा बन चुके हैं. राजनीति में मुसलमान हाशिए पर हैं. प्रशासन, सेना और पुलिस में मुसलमानों की संख्या शर्मनाक रूप से कम है, न्यायालयों में मुसलमानों की उपस्थिति बहुत...

प्रजातंत्र जीतेगा या कमलनाथ

प्रजातंत्र जीतेगा या कमलनाथ

उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ने वाले उत्तर-दक्षिण गलियारे का भविष्य केंद्रीय मंत्री कमलनाथ की जिद के कारण खतरे में पड़ता दिखाई दे रहा है. व्यक्तिगत लाभ के लिए व्यास नदी की धारा को मोड़ने वाले कमलनाथ अब विशेषज्ञों...

प्रजातंत्र, तानाशाही और अन्न स्वराज

प्रजातंत्र, तानाशाही और अन्न स्वराज

बीटी-बैगन के मुद्दे पर भारत में छिड़ी बहस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश का कृषक और उपभोक्ता वर्ग जीएम फूड्‌स के पक्ष में नहीं है. सेंटर फॉर एंवायरमेंट एजूकेशन, जिसने पर्यावरण मंत्रालय की ओर से इस बहस...

कुएं और खाई के बीच फंसी पाकिस्‍तान सरकार

कुएं और खाई के बीच फंसी पाकिस्‍तान सरकार

भारतीय मीडिया में (23 फरवरी) को ऐसी ख़बरें आईं हैं कि पाकिस्तान में पेशावर के नज़दीक खैबर और ओराकज़ी इलाक़े में तालिबानी अतिवादियों ने दो सिखों की हत्या कर दी है. कत्ल किए गए लोग, सिखों के एक जत्थे का...

जरदारी के पास ज्‍यादा विकल्‍प नहीं

जरदारी के पास ज्‍यादा विकल्‍प नहीं

खबरों पर भरोसा करें तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसु़फ रजा गिलानी ने अपने विश्वस्त सहयोगियों को बता दिया है कि वह अब फिर कभी राष्ट्रपति आस़िफ अली जरदारी के बचाव में मैदान में नहीं उतरेंगे. हालांकि इस ख़बर में कितनी...

शशि थरूर की सराहना होनी चाहिए

पुराने दौर में बादशाह के फरमान को खुदा का फैसला माना जाता था. शासन के फैसले स़िर्फ एक शख्स के हाथ में होते थे. वही राज्य का पहला और आ़खिरी न्यायाधीश होता था. समय के साथ-साथ शासन चलाने का तरीक़ा...

भाजपा का सबसे ज़्यादा नुक़सान संघ ने किया

भाजपा का सबसे ज़्यादा नुक़सान संघ ने किया

बचपन में हमने एक कहानी पढ़ी थी कि कबूतर के अंडों को यूं ही पड़े देखकर कुछ बच्चों को लगा कि इन्हें एक घोसले में रखा जाए, ताकि अंडे खराब होने से बच जाएं. फिर बच्चों ने बड़े अरमान से...

हाफिज सईद और पाकिस्तान की मजबूरी

हाफिज सईद और पाकिस्तान की मजबूरी

क्या भारत की सरकार हा़फिज़ सईद के लिए अपने पड़ोसी से हमेशा के लिए बातचीत बंद कर देगी या फिर भारत का यह रुख़ स़िर्फ महाराष्ट्र और हरियाणा में होने वाले चुनाव तक के लिए सीमित है? मुंबई के आंतकियों...

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