Tag: चंद्रशेखर

सूचना का अधिकार ज़रूरी है

सूचना का अधिकार ज़रूरी है

सूचना क़ानून को लागू हुए क़रीब पांच साल हो गए. इस दौरान सूचना क़ानून ने आम आदमी को कितना शक्तिशाली बनाया, आम आदमी कैसे सवाल पूछकर व्यवस्था में लगी दशकों पुरानी जंग छुड़ाने में सफल रहा, अपने अधिकार को पाने...

विचारधारा की बेड़ियों से उनमुक्त एक लेखिका

विचारधारा की बेड़ियों से उनमुक्त एक लेखिका

सुजाता शिवेन अनुवाद के क्षेत्र में तो अहम काम कर ही रही हैं, उन्होंने अपनी कविता संग्रह के माध्यम से अपने लेखक व्यक्तित्व के एक और पहलू को भी सामने रखा है. सुजाता की कविताएं मानवीय सरोकार के बंधन में...

क्या करें ऐसे प्रधानमंत्री का?

क्या करें ऐसे प्रधानमंत्री का?

एक फिल्म आई थी, जिसका एक बहुत मशहूर संवाद था, तारीख़ पर तारीख़, तारीख़ पर तारीख़, तारीख़ पर तारीख़. दरअसल, यह वाक्य हमारी न्याय-व्यवस्था की उस कमज़ोरी को दर्शाता है, जिसमें न्याय पाने की चाह लिए पीढ़ियां गुज़र जाती हैं....

संसद की गंभीरता कितनी है

संसद की गंभीरता कितनी है

संसद का बजट सत्र शुरू होने वाला है. यह सत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह बजट बहुत सख्त होगा, जैसा कि अमेरिका चाहता है. विश्‍व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष का मानना है कि हिंदुस्तान में हर तरह की सब्सिडी...

राजनीति के नए सिद्धांत

राजनीति के नए सिद्धांत

भारत की राजनीति में नए सैद्धांतिक दर्शन हो रहे हैं. पता नहीं ये सैद्धांतिक दर्शन भविष्य में क्या गुल खिलाएंगे, पर इतना लगता है कि धुर राजनीतिक विरोधी भी एक साथ खड़े होने का रास्ता निकाल सकते हैं. लेकिन लोकसभा...

वक्त की नज़ाकत को समझने की ज़रूरत

2 अक्टूबर बीत गया. पहली बार देश में 2 अक्टूबर सरकारी फाइलों और सरकारी समारोहों से बाहर निकल करके लोगों के बीच में रहा. लोगों ने गांधी टोपी लगाकर महात्मा गांधी को याद किया. न केवल महात्मा गांधी को याद...

भूमिहीनों का होगा बीमा

भूमिहीनों का होगा बीमा

श्रम संसाधन मंत्री जनार्दन सिंह सिग्रीवाल के प्रयास से राज्य के ग्रामीण भूमिहीनों का बीमा मुफ्त में किया जाएगा, जिसका प्रीमियम 2 सौ रुपया सालाना सरकार भरेगी. वैसे उन ग्रामीण भूमिहीनों का बीमा होगा, जिनकी ज़मीन 50 डेसिमिल से कम...

सुरेंद्र मोहन सच्चे समाजवादी थे

छोटे लोहिया यानी जनेश्वर मिश्र के निधन के बाद इस देश में समाजवादी आंदोलन की अ‍िखरी कड़ी के रूप में रह गए थे सुरेंद्र मोहन, लेकिन यह आखिरी कड़ी भी टूट गई. 17 दिसंबर की सर्द सुबह. नियति ने प्रख्यात...

कश्मीरियों का दिल जीतने की ज़रूरत

इस बार की हिंसा इतने दिनों तक इसलिए चली, क्योंकि लगातार लोगों की मौत हो रही थी. मौत की वजह से लोग सड़क पर उतरते और सरकार कर्फ्यू लगा देती. विरोध उग्र प्रदर्शन में तब्दील होता रहा और सरकार उसे...

प्रधानमंत्री जी, अहम से बचिए

प्रधानमंत्री जी, अहम से बचिए

क्‍या यह सच है? उनके प्रशंसक पहले भी ऐसा कहते रहे हैं, लेकिन कहीं ऐसा तो नहीं कि ख़ुद मनमोहन सिंह भी स्वयं को भारत का सबसे अच्छा प्रधानमंत्री मानने लगे हैं? ऐसा नहीं हो सकता, क्योंकि प्रधानमंत्री आत्मप्रशंसा में...

महेंद्रनाथ धामः सिर्फ वादे हाथ लगे

महेंद्रनाथ धामः सिर्फ वादे हाथ लगे

सारण प्रमंडलीय मुख्यालय से क़रीब 40 किलोमीटर पश्चिम में स्थित बाबा महेंद्रनाथ की नगरी महेंद्र नाथ धाम का अपना पौराणिक एवं धार्मिक महत्व है. यहां प्रत्येक माह की त्रयोदशी के दिन हज़ारों श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने आते हैं....

दिल्‍ली का बाबूः चंद्रशेखर के बाद पुलक चटर्जी!

दिल्‍ली का बाबूः चंद्रशेखर के बाद पुलक चटर्जी!

कैबिनेट सचिव के एम चंद्रशेखर को अप्रत्याशित रूप से मिले एक साल के एक्सटेंशन ने लगातार दो बैचों के नौकरशाहों को इस पद की दौड़ से ही बाहर कर दिया. हालांकि इस फैसले से यह भी स्पष्ट है कि चंद्रशेखर...

दिग्विजय सिंह : बेहतरीन राजनीतिज्ञ-बेहतरीन इंसान

दिग्विजय सिंह : बेहतरीन राजनीतिज्ञ-बेहतरीन इंसान

दिग्विजय सिंह को सबसे पहले मैंने 1983 के अप्रैल-मई महीने में उस व़क्तदेखा था, जब दिल्ली के जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्र आंदोलन चल रहा था. वह छात्र नेताओं को लेकर चंद्रशेखर जी और राजनारायण जी के पास आए...

दिग्विजय सिंह का आखिरी इंटरव्‍यू

दिग्विजय सिंह का आखिरी इंटरव्‍यू

बांका (बिहार) के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे. वह हमेशा देश के उन जुझारू, कर्मठ एवं ईमानदार नेताओं में शुमार किए जाते रहे, जो आम लोगों के हितों के लिए प्रयत्नशील रहते हैं....

दिग्विजय सिंह तमाम उम्र याद रहेंगे

दिग्विजय सिंह तमाम उम्र याद रहेंगे

अभी एक महीना भी नहीं बीता. लोधी इस्टेट के पंद्रह नंबर के घर में बैठे हम दिग्विजय सिंह से बात कर रहे थे. हमने देश का पहला इंटरनेट टीवी चौथी दुनिया टीवी शुरू किया है, जिसमें हम भारत के राजनीतिक...

संसद के सेंट्रल हॉल में स्व. चंद्रशेखर के चित्र का अनावरण

संसद के सेंट्रल हॉल में स्व. चंद्रशेखर के चित्र का अनावरण

चार मई को संसद के सेंट्रल हॉल में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर के चित्र का अनावरण किया गया. अनावरण उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी के हाथों संपन्न हुआ.

मनमोहन सिंह से चंद्रशेखर आहत थे : दिग्विजय सिंह

मनमोहन सिंह से चंद्रशेखर आहत थे : दिग्विजय सिंह

मनमोहन सिंह से चंद्रशेखर बहुत आहत थे. इसका एक बड़ा कारण यह था, क्योंकि चंद्रशेखर जी के प्रधानमंत्रित्व काल में मनमोहन सिंह उनके वित्त सलाहकार थे. पिछले 40 वर्षों में मनमोहन सिंह का भारतीय अर्थनीति के बारे में एक जैसा...

देश की केंद्रस्थली करौंदी उपेक्षा की शिकार

देश की केंद्रस्थली करौंदी उपेक्षा की शिकार

मध्य प्रदेश का एक छोटा सा गांव करौंदी, देश की भौगोलिक सीमाओं के केंद्र बिन्दु में स्थापित है. यह गांव डॉ. राममनोहर लोहिया, आध्यात्मिक गुरु महर्षि महेश योगी और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के विचारों और आन्दोलनों का मुख्य प्रेरणास्त्रोत बना...

प्रधानमंत्री पद की दौड़ में बाबा रामदेव

प्रधानमंत्री पद की दौड़ में बाबा रामदेव

जिस काम को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नहीं कर सका, जिसे करने की आस लिए विश्व हिंदू परिषद बू़ढी होने लगी है और भाजपा भावी प्रधानमंत्री का नाम घोषित करने के बाद भी इस सपने की ओर एक क़दम नहीं बढ़...

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