बिहार में ‘चमकी बुखार’ से हो रही मौत पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए केंद्र और बिहार सरकार को फटकार लगाई है. आज मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर करते हुए केंद्र सरकार और बिहार सरकार से जवाब मांगा है. कोर्ट ने अपने आदेश में केंद्र और राज्य सरकार से चमकी बुखार की रोकथाम और बच्चों के इलाज को लेकर उठाए जा रहे कदम का भी ब्यौरा पेश करने को कहा है. कोर्ट ने इसके लिए 7 दिनों का समय दिया है.

दरअसल मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत के मामले से जुड़ी दो याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई थी. सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में मांग की गई थी कि अदालत की तरफ से बिहार सरकार को मेडिकल सुविधा बढ़ाने के आदेश दिए जाएं और साथ ही केंद्र सरकार को इस बारे में एक्शन लेने को कहा जाए. जिस पर आज सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई की गई. इस दौरान बिहार सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हालात अब काबू में हैं. जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार को इस मामले में जवाब देना होगा।अदालत ने कहा कहा कि ये मामला हेल्थ सर्विस, न्यूट्रिशन और हाइजिन का है और ये सभी लोगों का मूल अधिकार हैं और उन्हें निश्चित रूप से मिलना ही चाहिए.

गौरतलब है कि बिहार में चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों आकड़ां बढ़कर 169 हो गया है. मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में अब तक 110 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है. जबकि कई बच्चों का इलाज चल रहा है. तो वहीं बिहार के हाजीपुर में 11, समस्तीपुर में 6, मोतिहारी में 7 पटना में 1, शिवहर में 2 ,भागलपुर में 5 बेगूसराय में 1, भोजपुर में 1 , सीवान में 1 और बेतिया में 1 बच्चे की मौत का मामला सामने आया है.