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एक्ज़िट पोल कुछ भी बताए… प्रधानमंत्री तो सोनिया गांधी ही बनेंगी
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एक्ज़िट पोल कुछ भी बताए… प्रधानमंत्री तो सोनिया गांधी ही बनेंगी

नई दिल्ली: सातवें चरण का मतदान संपन्न होने के साथ ही देशभर में लोकतंत्र का महापर्व समाप्त हो गया है. मतदान के पूरा होते ही देर शाम देशभर के विभिन्न समाचार चैनलों और मीडिया जगत में एग्जिट पोल भी जारी किए गए. इस एग्जिट पोल में एक बार फिर मोदी सरकार का जादू देखने को मिल रहा है. लेकिन चौथी दुनिया के पास जो आंकड़े हैं वो कुछ और ही बयान कर रहे हैं.

सोनिया गांधी बन सकती हैं प्रधानमंत्री 

चौथी दुनिया के पास जो आंकड़े हैं उसके अनुसार UPA को 200 सीटें मिलती दिख रही है, NDA को 201 सीटें मिलती दिख रही है और बाकी सीटें अन्य के खाते में जाएंगी यानी दोनों ही प्रमुख पार्टियों के पास बहुमत का आंकड़ा नहीं होगा. ऐसे में कांग्रेस की तरफ से प्रधानमंत्री पद के लिए यूपीए चेयर पर्सन सोनिया गांधी के नाम का एलान किया जा सकता है क्योंकि सोनिया गांधी के नाम के साथ अन्य सभी विपक्षी पार्टी सहमत है.
sonia gandhi is celibrating her 70th birthday
कुल मिलाकर यह तो हुई सर्वे की बातें लेकिन जिस तरह से आम चुनाव इस बार का हुआ उसमें यह साफ देखा गया कि मोदी लहर की कमी जरूर दिख रही थी. विपक्ष काफी मजबूत दिख रहा था. उस लिहाज से अगर हम बात करें तो आपको बता दें कि एग्जिट पोल के यह सर्वे 23 तारीख को मतगणना के दिन गलत भी साबित हो सकते हैं. कई बार ऐसा हुआ है कि एग्जिट पोल के नतीजे और मतगणना के दिन रिजल्ट के नतीजे कुछ और ही होते हैं. तो ऐसे में 23 तारीख को यह पता चलेगा कि देश भर की जनता ने जनादेश किसको दिया है.
22 तारीख को औंधे मुंह गिरेगा शेयर बाजार 
एग्जिट पोल के सर्वे आते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 888.91 अंक की बढ़त के साथ 38819.68  पर पहुंच गया बढ़ गया वहीं दूसरी तरफ एनएससी का निफ्टी भी 284.15 की उछाल के साथ 11691.30  के आंकड़े को छू गया. लेकिन चौथी दुनिया के पास जो खबर है उसके मुताबिक 22 मई को शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिलेगी क्योंकि ये सब कुछ पहले से ही फिक्स है.
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में उछाल
चुनावी नतीजों के आने तक बाजार में ना लगाएं पैसा 
एक्ज़िट पोल के आंकड़े दिखाकर बाजार में पैसा लगाने वाले निवेशकों को भरमाया गया है. कुल मिलाकर बाजार इस समय अनप्रिडिक्टेबल बना हुआ है. क्योंकि चुनावी दौर में बाजार में काफी फ्लकचुएशन होता रहता है और जिस दिन मतगणना होगी उस दिन भी भारी बढ़त या गिरावट देखने को मिल सकती है. इसलिए बाजार में निवेशकों को चुनाव के दौरान काफी सतर्कता रखनी पड़ती है. ऐसे में अगर निवेशक बाजार से दुरी बनाकर रखते हैं तो वे नुकसान से बच सकते हैं.
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