fbpx
Now Reading:
एग्जिट पोल के बाद मायावती क्यों दिखा रही हैं करीबी नेताओं को बाहर का रास्ता
Full Article 2 minutes read

एग्जिट पोल के बाद मायावती क्यों दिखा रही हैं करीबी नेताओं को बाहर का रास्ता

लखनऊ: एग्जिट पोल आने के बाद बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती आखिर क्यों अपने करीबी नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा रही हैं ? उत्तर प्रदेश की सियासत में मायावती की ये बड़ी कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है. पार्टी ने अपने पुराने सिपहसालार रहे रामवीर उपाध्याय को बाहर का रास्ता दिखा दिया है. इसके साथ ही उन्हें पार्टी के मुख्य सचेतक पद से भी हटा दिया गया है.
दरअसल एक्ज़िट पोल आने के बाद उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है.पार्टी महासचिव मेवालाल गौतम ने कहा कि रामवीर उपाध्याय लोकसभा चुनाव के दौरान भी पार्टी विरोधि गतिविधियों में शामिल थे. उन्हें हिदायत दी गई थी, लेकिन रामवीर ने आगरा, फतेहपुर सीकरी, अलीगढ़ समेत कई सीटों पर खड़े किए गए पार्टी प्रत्याशियों का खुलकर विरोध किया और विरोधी पार्टी के प्रत्याशियों का समर्थन किया.
रामवीर की मुख्य सचेतक पद से भी छुट्टी
रामवीर उपाध्याय को तत्काल पार्टी से निलंबित किया जाता है और विधानसभा में बसपा के मुख्य सचेतक पद से भी हटाया जाता है. साथ ही अब वह पार्टी के किसी भी मीटिंग में न शामिल होंगे और न ही बुलाए जाएंगे.BJP को फायदा पहुंचाने के लिए रामवीर हुए बागी: बसपा का आरोप 
जिन सीटों पर गठबंधन के प्रत्याशियों के विरोध का आरोप रामवीर उपाध्याय पर लगा है, उनमें से अधिकतर सीटें एग्जिट पोल में बीजेपी के पास जाती दिख रही है. सर्वे में आगरा, फतेहपुर सीकरी, अलीगढ़, हाथरस में बीजेपी सबसे अधिक पॉपुलर पार्टी दिख रही है.

रामवीर थाम सकते हैं बीजेपी का दामन 
बीते कई दिनों से रामवीर उपाध्याय के बीजेपी में शामिल होने की चर्चा थी, लेकिन वह खुद बसपा नहीं छोड़ना चाहते थे. अगर रामवीर ऐसा करते तो उनकी विधायकी खतरे में पड़ सकती थी. अब माना जा रहा है कि रामवीर उपाध्याय बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.रामवीर उपाध्याय के भाई मुकुल उपाध्याय पिछले साल बसपा छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे.

Input your search keywords and press Enter.