प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोकसभा में विपक्ष पर जमकर हल्ला बोला. राष्ट्रपति के अभिभाषण का जवाब पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पीएम ने कहा कि केंद्र सरकार आने वाली हर चुनौती के निपटने में सक्षम है. साथ ही विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए आपातकाल को देश की आत्मा पर हमला करार दिया.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण में कहा कि, “कई दशकों बाद देश ने शानदार जनादेश दिया है, जिससे सरकार सत्ता में वापस आई है. इस आम चुनाव ने बहुत कुछ दर्शाया है कि देश के लोग भारत की बेहतरी के लिए कितना कुछ चाहते हैं. यह भाव सराहनीय है. पीएम का कहना था कि “मैं जीत और हार को लेकर चुनाव के बारे में कभी भी नहीं सोचता हूं. 130 करोड़ भारतीयों की सेवा करने का अवसर पाना और उनके जीवन में सकारात्मक अंतर लाना ही मेरे लिए खास बात है.”

उन्होंने कहा कि मुझे मालूम है कि अब समय उन चीजों को बदलने का आ चुका है, जो कि करीब 70 सालों से इस देश में हैं.पर हम अपने मुख्य उद्देश्य से नहीं भटकेंगे. हमें आगे बढ़ना होगा…फिर चाहे वह आधारभूत ढांचे से जुड़ा मामला हो या फिर अंतरिक्ष क्षेत्र की बात हो.

वहीं विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हम किसी की लकीर छोटा करने में समय जाया नहीं करते. हम हमारी लकीर लंबी करने में जिंदगी खपा देंगे. आपकी ऊंचाई आपको ही मुबारक हो. मेरी कामना है कि आप और आगे और ऊंचाई की ओर बढ़ें.आप इतना ऊंचाई पर गए कि जड़ों से ही उखड़ गए. पीएम मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी उस आरोप का भी जबाब दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि आम चुनाव में कांग्रेस को भले ही 52 सीटें मिली हों, पर ‘‘उसकी ऊंचाई कम नहीं हो सकती. जैसे कोई व्यक्ति अगर दुबला-पतला हो जाए तब भी उसका कद कम नहीं होता’’.जिसके जवाब में पीएम ने चुनौती देंते हुए कहा कि कोई भी ऐसा साक्ष्य दिखा दें कि 2004 से 2014 तक शासन में बैठे हुए लोगों ने कभी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी या नरसिम्हा राव सरकार की तारीफ की हो. कांग्रेस का नाम लिये बिना उन्होंने कह कि इस सदन में बैठे हुए इन लोगों ने तो एक बार भी मनमोहन सिंह का जिक्र तक नहीं किया, अगर किया हो तो बताएं.

अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने आपातकाल की याद दिलाई. इस मौके पर उन्होंने कहा कि 25 जून की रात देश की आत्मा कुचली गई थी यह दाग कभी नहीं मिटेगा. साथ ही उन्होंने कहा कि बहुतों को पता नहीं है कि उस दिन क्या हुआ था. लेकिन हम उस काले दिनों को नहीं भुला सकते. आपको बता दें कि 25 जून, 1975 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लागू किया था.