शहर हो या गांव, सड़क की खुदाई एक आम समस्या है. कभी बिजली वाले, कभी जल विभाग तो कभी टेलीफोन वाले आकर आपके मुहल्ले की सड़क या मुख्य मार्ग की खुदाई कर देते हैं. फिर महीनों, कभी-कभी तो सालों तक उस सड़क को यूं ही छोड़  दिया जाता है या थोड़ी-बहुत मिट्टी डालकर अपनी लापरवाही ढक दी जाती है और फिर एक लंबे समय तक उस सड़क की मरम्मत नहीं होती. ज़ाहिर है, एक ज़िम्मेदार और जागरूक नागरिक होने के नाते आप यह सब ज़रूर जानना चाहते होंगे कि आख़िर बार-बार होने वाले इस मर्ज की दवा क्या है? इस अंक में हम एक ऐसे आरटीआई आवेदन का प्रारूप प्रकाशित कर रहे हैं, जिसका इस्तेमाल आप अपने सवालों का जवाब पाने के लिए कर सकते हैं. इस आवेदन के इस्तेमाल से आप अपने क्षेत्र के सड़कों की खुदाई और उनकी मरम्मत के बारे में सवाल पूछ सकते हैं, जवाब मांग सकते हैं. मसलन, सड़क क्यों काटी गई? काटी गई सड़क की मरम्मत के लिए क्या संबंधित एजेंसी ने पैसा जमा कराया था या नहीं? अगर हां, तो अब तक मरम्मत क्यों नहीं हुई? इसके अलावा इस अंक में हम अपने पाठकों के कुछ पत्र भी शामिल कर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि आप सभी इस आवेदन का इस्तेमाल करेंगे, साथ ही पाठकों के पत्र से भी लाभांवित होंगे.

पाठकों के पत्र

बैंक वाले परेशान कर रहे हैं

मुझे पीएनबी से एक लाख 20 हज़ार रुपये का लोन मिलना था, लेकिन 45 हज़ार रुपये देने के बाद बैंक वालों ने कहा कि आपको इतना ही लोन स्वीकृत हुआ था. मैंने हर जगह इसकी शिक़ायत की, लेकिन कुछ नहीं हुआ. फिर मैंने सूचना क़ानून के तहत अपना आवेदन पीएनबी मुख्यालय दिल्ली भेज दिया. प्रथम अपील कहां करूंगा?

– सलीमुद्दीन, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश.

आप अपना आवेदन स्थानीय शाखा के लोक सूचना अधिकारी के पास भी भेज सकते थे. आप पता करें कि जहां से आपको लोन मिला है, वहां का पीआईओ (लोक सूचना अधिकारी) कौन है. बहरहाल, आपने अपना आवेदन दिल्ली भेज दिया है तो जवाब मिलने का इंतज़ार करें. वैसे चाहें तो एक आवेदन स्थानीय शाखा में भी दे सकते हैं.

रास्ता ख़राब है

मेरे इलाक़े में एक रोड है, जो शकरी चीनी मिल से पठान कुबनी के बीच में है. वहां से एक रास्ता भालपट्टी पंचायत से जाकर मिलता है, जो 1983 में बना था. आज इस रास्ते की हालत बहुत ख़राब है. कोई भी जन प्रतिनिधि इस रास्ते की ओर ध्यान नहीं दे रहा है. अगर इस रास्ते से संबंधित सूचनाएं प्राप्त करनी हैं तो कैसे करें?

– अफ़ज़ल हुसैन ख़ान, नैनाघाट, दरभंगा, बिहार.

ख़राब और टूटी सड़कों की समस्या आम है. यह अच्छी बात है कि आप इस संबंध में आरटीआई का इस्तेमाल करना चाहते हैं. हम इस अंक में सड़क की खुदाई से संबंधित आवेदन का प्रारूप प्रकाशित कर रहे हैं. आप चाहें तो इसका इस्तेमाल कर सकते हैं और सड़क की मरम्म्त के बारे में सवाल पूछ सकते हैं. जैसे इसकी कब-कब मरम्मत हुई, कितना ख़र्च आया, किसने काम किया, जांच हुई या नहीं, जांच रिपोर्ट इत्यादि.

कहां से मिलेगी सूचना

सूचना अधिकार क़ानून का रजिस्टर्ड ऑफिस किस जगह पर है?

– जोयसम जार्ज, गोपालपुरा, जयपुर.

सूचना क़ानून के तहत प्रत्येक सरकारी विभाग में (केंद्र या राज्य सरकार दोनों) जन/लोक सूचना अधिकारी (पीआईओ) के पद का प्रावधान है. आरटीआई आवेदन उसके पास जमा करना पड़ता है. वहीं से आपको सूचना मिलती है. आपको जिस विभाग से संबंधित सूचना चाहिए, उस विभाग के पीआईओ के पास अपना आवेदन जमा कराएं. आवेदन के साथ 10 रुपये का शुल्क देना पड़ता है. आवेदन पीआईओ के पास जमा कराने के बाद 30 दिनों के भीतर आपको सूचना मिल जानी चाहिए.

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