fbpx
Now Reading:
इंदिरा नहर में डूबे 7 बच्चो में से 2 बच्चो की लाश मिली, 5 बच्चो की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी
Full Article 3 minutes read

इंदिरा नहर में डूबे 7 बच्चो में से 2 बच्चो की लाश मिली, 5 बच्चो की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी

इंदिरा नहर में गुरुवार  की सुबह पिकअप वैन गिरने से पानी में लापता हुए सात बच्चों के परिजनों का आरोप है कि वैन ड्राइवर शराब के नशे में था और बहुत तेज गति से गाड़ी चला रहा था. चालक के शराब के नशे में होने के आरोप पर एसडीएम सूर्यकांत ने बताया कि ड्राइवर को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया है.

लापता बच्चों में मानसी 4 वर्ष, मनीषा 5 वर्ष, सौरभ 8 वर्ष, सचिन 6 वर्ष, साजन 8 वर्ष, अमन 9 वर्ष और एक अन्य बच्चा शामिल है.

बता दें कि राजधानी के पास नगराम में विवाह समारोह से लौट रही एक पिकअप वैन आज सुबह इंदिरा नहर में जा गिरी, जिससे 29 लोग नहर में डूब गये. इनमें से 22 लोगों को एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित निकाल लिया लेकिन सात बच्चों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है. इन बच्चों की तलाश की जा रही है .

एसडीएम शर्मा ने बताया कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों के साथ पुलिस के गोताखोरों की टीमें भी इंदिरा नहर में बच्चों को ढूंढ रही हैं. घटनास्थल पर एंबुलेंस के साथ डॉक्टरों की टीमें भी हैं ताकि बच्चों के मिलने पर, जरूरत के अनुसार तत्काल उनका इलाज किया जा सके. बच्चों के परिजनों का आरोप है कि ड्राइवर शराब के नशे में था और बहुत तेज गति से वाहन चला रहा था.

लापता हुए एक बच्चे की मां लज्जावती ने बताया ‘‘रात का समय था और नशे की हालत में ड्राइवर बहुत तेज गति से गाड़ी चला रहा था. उसे कई बार धीरे चलने को कहा गया कि लेकिन उसने किसी की बात नहीं सुनी और वैन नहर में जा गिरी.’’

जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने माना कि वाहन की रफ्तार तेज होने के कारण यह हादसा हुआ और वैन में अंधेरे में पानी में जा गिरी. पहले तो ग्रामीण खुद ही लोगों को निकालने की कोशिश करते रहे और फिर सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं. तब राहत और बचाव का काम आरंभ हुआ.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा नहर में वैन डूबने की घटना पर दुख व्यक्त किया और अधिकारियों को बच्चों की तत्परता से तलाश करने के निर्देश दिये हैं.एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों सुबह 4 बजे से ही सर्च ऑपरेशन में लगे हुए हैं लेकिन अभी तक की बच्चों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है. बच्चों को खोजने के लिए एसडीआरएफ के 15 जवान और 4 गोताखोरों को लगाया गया है.

Input your search keywords and press Enter.