लता मंगेशकर की तबियत बिगड़ी,ब्रीच कैंडी अस्पताल में कराया गया भर्ती- परिवार को बुलाया

सुर कोकिला लता मंगेशकर को बेहद गंभीर हालत में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल सूत्रों की मानें तो सुर कोकिला को सांस लेने में दिक्कत हो रही है जिसके बाद से उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। लता मह्गेश्कर के परिवार वाले उन्हें देर रात करीब डेढ़ बजे के […]

काशी पत्रकार संघ ने PM मोदी को लिखी चिठ्ठी, पराडकर स्मृति भवन को जमींदोज ना करने की मांग 

काशी के पत्रकारों के लिए यह घड़ी किसी संकट से कम नहीं है, क्योंकि काशी में स्थित पराड़कर स्मृति भवन सरकारी योजनाओं के चलते जमींदोज होने वाला है. जिसके खिलाफ काशी पत्रकार संघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है और इस ऐतिहासिक स्थल को बचाने की मांग की गई है. काशी पत्रकार संघ […]

पत्रकारों के साथ सुषमा अपने बेहतर रिश्तों के कारण हमेशा रहेंगी याद: संतोष भारतीय

सुषमा स्वराज जी के निधन और उनके अंतिम संस्कार से पहले मैं यह पंक्तियां लिख रहा हूं.. वैसे तो कभी कोई राजनेता पत्रकारों से दूरी नहीं बनाता पर उनसे मन के संबंध भी नहीं बनाता.. भारतीय जनता पार्टी में सिर्फ दो नेता ऐसे रहे जिन्होंने पत्रकारों से कभी दूरी नहीं बनाई और उनके साथ जब […]

वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारतीय बोले, पत्रकारिता पर भी लागू होता है युद्ध का ये नियम

आजकल हिंदी पत्रकारिता में संपादक शब्द का अर्थ बदल गया है। अब संपादक होने के लिए सबसे बड़ी योग्यता स्वयं अखबार या पत्रिका का मालिक होना हो गया है। कुछ ही अखबारों में या पत्रिकाओं में संपादक नाम का प्राणी मरणासन्न होने के बावजूद सांस ले रहा है, बाकी जगहों पर अगर वह जनसंपर्क में […]

‘उदयन शर्मा ने कुछ यूं बदल दिया था फील्ड रिपोर्टिंग का चेहरा और अंदाज’

उदयन शर्मा को इस संसार को छोड़े हुए 18 वर्ष बीत गए। इस महीने की 11 तारीख को उनकी पुण्यतिथि थी। उदयन शर्मा का नाम पत्रकारिता के विद्यार्थी जानते हैं या नहीं, मैं नहीं जानता, लेकिन उन्हें जानना चाहिए, ऐसा मैं मानता हूं। उदयन शर्मा हिंदी पत्रकारिता का बहुत बड़ा नाम हैं, जिनकी रिपोर्ट आज […]

दौर-ए-दास्तान: कैसे बड़े अखबार ने किया था ‘आपातकाल’ का समर्थन

‘दिनमान’ हिंदी पत्रकारिता के इतिहास का पहला अध्याय है, जिसने एक पूरी पीढ़ी को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय विषयों के साथ विज्ञान, समाजशास्त्र, साहित्य तथा संस्कृति से परिचित कराया। ‘दिनमान’ ने शब्दों की शुद्धता और उनके सही उपयोग का ज्ञान भी पहली बार पाठकों के सामने रखा। हम सब सोवियत रूस की राजधानी ‘मास्को’ का उच्चारण करते थे, […]