कोलकाता के बड़ाबाजार इलाके में हुए फ्लाईओवर हादसे पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. फ्लाईओवर बना रही कंपनी आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में सालों पहले से ब्लैक लिस्टेड है. यह कंपनी हैदराबाद की है  और खुद अपने ही राज्य में ब्लैक-लिस्टेड. आइए देखते हैं कि इन दो राज्यों में यह कंपनी कब और क्यों ब्लैक लिस्टेड हुई थी. फ्लाईओवर बनाने वाली हैदराबाद की कंपनी आईवीआरसीएल अपने ही राज्य (आंध्र प्रदेश) में वर्ष 2009 में बैन कर दी गई थी.

कंपनी को स्टेट लेबर डिपार्टमेंट की सिफारिश पर अगस्त 2009 में ब्लैकलिस्ट में डाल दिया गया था. फरवरी 2011 में कंपनी को उत्तर प्रदेश जल निगम की सिफारिश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने भी ब्लैकलिस्ट कर दिया. आईवीआरसीएल और एसपीएमएल नाम की  कंपनियों पर वाटर एंड सीवरेज प्रोजेक्ट में घटिया सामग्री  इस्तेमाल करने का आरोप था. आईवीआरसीएल कंपनी एनटीपीसी के पूर्व सीएमडी अरूप रॉय चौधरी की साठगांठ से मेजा पावर प्लांट का काम कर रही है जहां बीते साल मार्च के महीने में पूरा का पूरा स्ट्रक्चर गिर गया था. इसमें एनटीपीसी को करोड़ों का नुकसान हुआ था. वही अरूप रॉय चौधरी एनटीपीसी से हटने के बाद ममता बनर्जी के सलाहकार बनाए गए हैं.

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