बिश्केक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति से मुलाकात की. बताया जा रहा है कि दोनों देशों के नेताओं की बीच हुई बैठक में अहम् मसलों पर बातचीत हुई. विदेश सचिव ने बताया कि पीएम ने जोर दिया कि दोनों देश रणनीतिक संवाद पर आगे बढ़ सकते हैं. लंबित पड़े मामले जैसे बैंक ऑफ चाइना की शाखाएं भारत में खोलने और मसूद अजहर जैसे मुद्दे सुलझाएं जा सकते हैं. उनका कहना था कि बैठक में पाकिस्तान के मुद्दे पर भी बात हुई.

वहीं पीएम ने बताया कि पाकिस्तान के साथ आगे बढ़ने की कोशिश की गई, लेकिन इन कोशिशों को बर्बाद कर दिया गया. पाकिस्तान को आतंकरहित वातावरण का निर्माण करना चाहिए लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं हो रहा है. हम इस दिशा में ठोस कदम चाहते हैं.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई. इस बैठक के दौरान पीएम मोदी ने अमेठी में राइफल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए पुतिन का धन्यवाद किया.

दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी पहली बार एससीओ सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे हैं. गौरतलब है कि एससीओ, चीन के नेतृत्व वाला आठ सदस्यीय आर्थिक और सुरक्षा समूह है जिसमें भारत और पाकिस्तान को 2017 में शामिल किया गया था. एससीओ 2019 का शिखर सम्मेलन किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आज से शुरू हुआ है जो 14 जून तक चलेगा.

उम्मीद जताई जा रही थी कि एससीओ सम्मेलन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच द्विपक्षीय वार्ता हो सकती है, लेकिन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने इन अटकलों को सिरे से ख़ारिज कर दिया. आपको बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पहली बार एससीओ सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं.