fbpx
Now Reading:
उत्तर भारत के बाद अब असम ने जहरीली शराब पीने से 69 लोगों की मौत
Full Article 3 minutes read

उत्तर भारत के बाद अब असम ने जहरीली शराब पीने से 69 लोगों की मौत

उत्तर भारत के बाद अब पूर्वोत्तर के राज्य असम में जहरीली शराब का लोग शिकार बने हैं. खबर है कि जहीरली शराब पीने से कम से कम 69 लोगों की मौत हो गई है। असम के गोलाघाट जिले में नकली शराब पीने के बाद सात महिलाओं सहित अब तक 69 लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा कई अन्य को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। घटना शुक्रवार की है जब गोलाघाट जिले के एक चाय के बगान में ये घटना हुई। मामले की जानकारी देते हुए जिला पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 50 से ज्यादा अभी अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती हैं, और मरने वालों का आंकड़ा अभी बढ़ भी सकता है।


ताजा खबर के मुताबिक नकली शराब के सेवन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 69 हो गई है। गोलाघाट के डीएसपी ने कहा कि आबकारी विभाग ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। बीजेपी विधायक मृणाल सैकिया के अनुसार शालीमार चाय बगान में 100 से ज्यादा मजदूरों ने नकली शराब का सेवन किया है। गुरुवार की रात इनमें से किसी एक ने ये शरीब खरीद कर लाई थी जिसके बाद सभी ने इसका सेवन किया था फिर सब बीमार पड़ गए। पुलिस ने इस संबंध में एक मामला दर्ज किया है। असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं और एक महीने के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं। दो आबकारी अधिकारियों को इस मामले में निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि 12 लोगों को गुरुवार रात सरकारी अस्पताल पहुंचाते ही मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद अगले दिन शुक्रवार को 15 अन्य लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि 23 की मौत गोलाघाट सिविल अस्पताल में हो गई जबकि सात की मौत जोरहाट मेडिकल हॉस्पिटल में हो गई। मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि इन सभी ने नकली शराब का सेवन किया है और लगभग सभी की हालत गंभीर है।

असम आबकारी मंत्री परिमल सुक्लाबैद्या ने मामले की जांच के लिए विभाग के अधिकारियों की एक टीम गठिक की है। इधर कांग्रेस के विधायक रुपज्योति कुर्मी ने आबकारी मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रभावितों और मृतकों के परिजनों को मुआवजे देने का अनुरोध किया है। देशभर में जहरीली शराब पीकर मरने वालों का आंकड़ा इस साल के दूसरे महीने में ही रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है, उत्तर भारत में भी सैंकड़ों लोग जहरीली शराब का शिकार हुए थे जिसके बाद प्रसाशन जगा और कार्रवाई तेज की गई अगर उस मामले से सबका लेकर पहले ही यहाँ का प्रशसन जाग गया होता तो शायद आज 70 लोग मौत के शिकार नहीं होते, लेकिन यहाँ का प्रशासन भी कुम्भकर्णीय नींद में सोया हुआ था ये 70 लोगों की जान जाने के बाद जगा है और अब प्रशसनिक करवाई की जा रही है।

Input your search keywords and press Enter.