इस अंक में हम अपने पाठकों के पत्र शामिल कर रहे हैं. इन पत्रों के माध्यम से हमारे पाठकों ने कुछ सुझाव मांगे है तो अपने अनुभव को भी हमसे साझा किया है. इसके अलावा, इस अंक में हमने एक आवेदन भी प्रकाशित किया है. सूचना क़ानून के तहत बना यह आवेदन आपके गांव-शहर में चल रहे विद्युतीकरण कार्य के बारे में जानकारी मांगने से संबंधित है.

पाठकों के पत्र

एडमिशन मिला, न पैसा

मैं शुरुआत से ही चौथी दुनिया साप्ताहिक को पढ़ता आ रहा हूं. आपके अख़बार के द्वारा मुझे आरटीआई की भी जानकारी हुई, साथ ही आपकी तरफ़ से संभव प्रतिनिधित्व ने साहस बढ़ाया कि मैं भी अपना जायज़ रुपया 2550 रुपया वापस पा सकूं, जिसे मैंने डिमांड ड्राफ़्ट के रूप में रजिस्ट्री के द्वारा मौलाना आज़ाद नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी में एम.ए. उर्दू प्रथम के प्रवेश के लिए भेजा था. मगर न जाने क्यों, मेरा प्रवेश वहां नहीं हुआ और ड्राफ़्ट भी वापस नहीं आया.

मो. अय्यूब अंसारी, जमुई.

आप एक आरटीआई आवेदन देकर (ड्राफ्ट की प्रति संलग्न) इससे संबंधित सूचनाएं मांग सकते हैं.

ग़लत सूचना मिली.

मैंने जून 2010 को सूचना के अधिकार क़ानून के तहत दिल्ली के उपराज्यपाल व डीडीए के चेयरमैन से 17 व 18 मई 2010 को जैतपुर में होने वाली तोड़फोड़ की कार्रवाई पर जानकारी मांगी थी. जवाब में एडीएम ने दक्षिणी दिल्ली के सरिता विहार में होने वाली इस तोड़फोड़ की घटना को सिरे से ही मना कर दिया है. जबकि यह ग़लत सूचना है.

अशरफुल हुदा, अलफ़लाह ट्रस्ट, दिल्ली

आप इसकी शिक़ायत सीधे केंद्रीय सूचना आयोग में कर सकते हैं.

हज ऑफिसर से जुड़ी सूचना नहीं मिली

मैने अधीक्षक डाकघर, मुरादाबाद मंडल से सूचना पट पर हज ऑफिसर व सहायक हज ऑफिसर की मांग संबंधित सरकुलर के संबंध में सूचना मांगी थी. सूचना नहीं दी गई. कहा गया कि जिस संगठन के लेटरपैड पर सूचना मांगी है, वह पंजीकृत है या नहीं इसकी जानकारी दें तब सूचना दी जाएगी.

ख़ुर्शीदुल हसन, पोस्टल समाज, मुरादाबाद

सूचना आपने व्यक्तिगत हस्ताक्षर के ज़रिए मांगी थी. फिर भी सूचना न देने के लिए ग़लत बहाना बनाया गया. आप इसकी शिक़ायत राज्य सूचना आयोग में कर सकते हैं.

मिल गया पीएफ

अशोक सिंघल का स्थानांतरण खंडवा से तमिलनाडु (चेन्नई) होने पर वह नौकरी से इस्तीफ़ा देकर बिहार घर वापस आ गए. पीएफ में जमा राशि लगभग 16,752 रुपये का चैक संगठन द्वारा ग़लत खाता नंबर पर भारतीय स्टेट बैंक शाखा बरौनी (बिहार) को वर्ष 2002 में ही भेजा गया था, लेकिन बैंक ने खाता नंबर सुधारकर भेजने के लिए उसे संगठन के पास पुन: भेज दिया था. फिर वह मुझे अप्रैल 2010 में सूचना आवेदन निबंधित डाक द्वारा भेजा गया. प्रथम अपील के बाद उक्त संगठन द्वारा अशोक सिंघल की कुल बक़ाया राशि ब्याज सहित उपलब्ध करा दी गई.

गिरीश प्रसाद गुप्ता, बरौनी (आरटीआई कार्यकर्ता)

मेरे ससुर को आर्थिक लाभ नहीं मिला

आपका चौथी दुनिया साप्ताहिक पेपर पढ़कर मुझे सूचना अधिकार के विषय में जानकारी लेनी है. मेरे ससुर श्रीमान बीएल कौशल भिकन गांव की कृषि मंडी में सचिव पद पर 1954 से कार्यरत थे. उनकी कार्यप्रणाली देखकर उन्हें पदोन्नति मिली. 1994 में जब वह सेवानिवृत्त हुए थे, तब उनका पद प्रथम श्रेणी का था. उन्हें अपने कार्य की वजह से राष्ट्रपति पुरस्कार मिला था. लेकिन उनकी सेवानिवृत्ति तृतीय श्रेणी में क्यों की गई, इसके बारे में मुझे जानकारी चाहिए. इस विषय में मैंने सूचना अधिकार के माध्यम से भोपाल/कृषि मंडी समिति को प्रथम अपील भेजी है. यह प्रथम अपील मैंने 3 जनवरी 2011 को भेजी है.

शालीग्राम जवाहर लाल जी गुप्ता अमरावती,महाराष्ट्र

आप अपील के निर्णय का इंतज़ार करें. यदि अपील के बाद भी वांछित सूचना नहीं मिलती है, तब आप इस मामले में द्वितीय अपील राज्य सूचना आयोग में कर सकते हैं.

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