रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि कश्मीर मसले का समाधान हर कीमत पर किया जाएगा. उन्होंने कहा कि धरती पर कोई भी ताकत नहीं है जो कश्मीर समस्या को हल करने से रोक दे. रक्षा मंत्री ने कहा कि कश्मीर उनके दिल में है और सरकार चाहती है कि यह दुनिया का पर्यटन हब बन जाए. इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू कश्मीर के द्रास सेक्टर में एक स्मारक पर 1999 करगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की. बता दें करगिल युद्ध में भारत की जीत के जश्न का भारत 20वीं वर्षगांठ मना रहा है.

विकास को बताया अहम

राजनाथ सिंह ने कहा कि विकास के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण अत्यावश्यक है. उन्होंने कहा कि भारत हर मोर्चे पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले दशक या उसके बाद के कुछ सालों में यह अमेरिका, रूस या चीन के स्थान पर शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन जायेगा. अपने जम्मू कश्मीर यात्रा पर राजनाथ सिंह ने कठुआ और सांबा जिले में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा बनाये गये दो पुलों का भी उद्घाटन किया. कठुआ में उज्ह नदी के ऊपर बने पुल की लागत 50 करोड़ रुपये आई है. यह बीआरओ द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे लंबा पुल है.

रक्षा मंत्री का बयान 

कठुआ में राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘कश्मीर की समस्या का हल हो कर रहेगा, दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि बातचीत के माध्यम से नहीं, तो हम जानते हैं कि कैसे.’’ रक्ष मंत्री ने कहा कि गृह मंत्री के रूप में उन्होंने कई बार ‘तथाकथित नेताओं’ से बातचीत के जरिये इस मुद्दे को हल करने के लिए कहा था. बता दें कि मोदी सरकार एक में राजनाथ सिंह गृह मंत्री थे.

अलगाववादी नेताओं पर साधा निशाना 

राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘हम जम्मू कश्मीर का तीव्र विकास और समृद्धि चाहते हैं.’’ अलगाववादी नेताओं पर निशाना साधते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि जो लोग ‘आजादी आजादी’ की रट लगा रहे हैं, वे कश्मीर के युवाओं को यह बताने में असफल रहे हैं कि वे किस प्रकार की आजादी चाहते हैं. उन्होंने पूछा, ‘‘उनके सामने किस देश का उदाहरण है. क्या वे पाकिस्तान की तरह की आज़ादी चाहेंगे?’’ उन्होंने कहा, ‘‘ इस तरह की आजादी किसी को भी स्वीकार्य नहीं होगी.’’ राजनाथ सिंह ने कहा कि जम्मू और कश्मीर का देश के लिए एक विशेष महत्व है और मोदी सरकार इसे पर्यटन हब बनाएगी.