देश के पूर्व गृह और वित्त मंत्री  पी चिदंबरम की मुश्किलें लगातर बढ़ती जा रही हैं. आईएनएक्स मीडिया मामले में ईडी ने चौकाने वाले खुलासे किए हैं. दरअसल ईडी का दावा है कि पी चिदंबरम के विदेश दौरे के तमाम खर्चों का जिम्मा एक फर्जी कंपनी ने लिया था और उनके सभी खर्चों का भुगतान भी इसी कंपनी द्वारा किया गया था.

ईडी के सूत्रों का दावा है कि पिछले साल गिरफ्तार किये गए चार्टड अकाउंटेंट भास्कर रमन ने ये अहम खुलासे किए हैं. भास्कर रमन से की गई पूछताछ में  पी चिदंबरम के विदेश दौरे के खर्चों के तमाम दस्तावेज एक हार्ड डिस्क में होने का पता चला है. जिसे आयकर विभाग के अधिकारियों ने कार्ति चिदंबरम के चेस ग्लोबल एडवायजरी सर्विसेस के चेन्नई स्थित कार्यालय में जप्त की थी. बताया जा रहा है कि जब रमन के साथ पूछताछ की गई और उसके सामने तमाम दस्तावेज और हार्ड डिस्क रखी गई तो उसने इस बारे में खुलासा किया.

आपको बता दें कि जब पूर्व वित्त मंत्री से उनके विदेश यात्रा का खर्च फर्जी कंपनी द्वारा वहन किए जाने के बारे में पूछा गया तो चिदंबरम ने इन आरोपों को बेबुनियाद करार दिया था. गौरतलब है किसीबीआई और ईडी एयरसेल मैक्सिस में 3500 करोड़ की एक डील की जांच में जुटी हुई है. साल  2006 के इस मामले में विदेशी फर्म को चिदंबरम के बतौर वित्तमंत्री रहते एफआईपीबी स्वीकृति दिए जाने की जांच सीबीआई कर रही है तो वहीं ईडी भी इसी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच कर रही है. आईएनएक्स मीडिया मामले में गिरफ्तार पी चिंदबरम को  5 दिन की सीबीआई रिमांड में भेजा गया है.

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