Narendra Modiनई दिल्ली: कानपुर में भाजपा की परिवर्तन रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी एक तरफ जहां नोटबंदी का विरोध करने और संसद ना चलने देने को लेकर विपक्ष पर हमलावर रहे, वहीं दूसरी तरफ आगामी चुनाव के लिए जमीन तैयार करते दिखे. संसद में नोटबंदी पर हंगामा करने के लिए विपक्ष विपक्ष पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, एक तरफ हम देश को भ्रष्टाचार से मुक्त कराने की लड़ाई लड़ रहे हैं, हमारा एजेंडा है भ्रष्टाचार बंद हो जबकि उनका एजेंडा है संसद बंद हो. पूरे महीने संसद नहीं चलने दी, चर्चा नहीं की। राष्ट्रपति के कहने के बाद भी हो हल्ला करते रहे.

वे चर्चा से इसलिए भाग रहे थे कि अब तक जिन लोगों ने सरकार चलाई है उनके लिए हिसाब देना महंगा पड़ रहा है. संसद में पहले भी हंगामा होता था, पर पहली बार ऐसा हुआ कि बेईमानों की मदद के लिए संसद में नारे लगाए गए. मोदी ने संसद में हंगामे के दौरान लोकसभा स्पीकर की ओर कागज फेंकने की घटना की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा, म्युनिसिपलटी में चुने हुए लोग भी ऐसा व्यवहार करने से पहले 50 बार सोचते हैं. मोदी ने कहा कि देश दो टुकड़ों में बंट गया है, एक तरफ बेईमानों की मदद कर रहे मुट्ठी भर नेता हैं और दूसरी तरफ देश की आम जनता है. प्रधानमंत्री ने  भरोसा दिलाया कि 30 दिसंबर के बाद नोटबंदी के चलते लोगों को हो रही दिक्कतें कम होनी शुरू हो जाएंगी.

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हाल के दिनों में राजनीतिक दलों के चंदे को टैक्स फ्री किए जाने को लेकर हो रही चर्चा पर प्रधानमंत्री ने अपना रुख स्पष्ट किया. उन्होंने कहा, राजनीतिक दलों के चंदों को लेकर बनाए गए कांग्रेस सरकार के कानून में हमने कौमा, फुलस्टॉप भी नहीं लगाया है. इस मुद्दे पर उन्होंने चुनाव आयोग के उस प्रस्ताव का भी समर्थन किया जिसमें इसी ने कहा था कि राजनीतिक दलों के 2 हजार से ज्यादा के गुप्त चंदे पर रोक लगानी चाहिए. मोदी ने कहा, मैं चुनाव आयोग का भी अभिनंदन करता हूं कि उसने राजनीतिक दलों को भी कालेधन से मुक्ति का आह्वान किया है. हम इसका स्वागत करते हैं.

देश में राजनीतिक दलों और राजनेताओं के प्रति लोगों के दिल में अविश्‍वास भरा पड़ा है. यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम जनता को ईमानदारी का भरोसा दिलाएं. प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सिलसिले में उन्होंने सर्वदलीय बैठक में कहा था कि संसद में इस पर चर्चा होनी चाहिए, सभी दलों को मिलकर तय करना चाहिए कि चंदा किस तरह से लिया जाए.  मोदी ने चुनाव सुधारों का जिक्र करते हुए सभी चुनावों को एकसाथ कराने की बात कही. उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा के चुनाव अलग-अलग होने से देश पर बोझ पड़ता है इसलिए ये चुनाव साथ होने चाहिए.

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पीएम मोदी यूपी सरकार पर भी जमकर बरसे. उन्होंने कहा, यहां के लोग गुंडागर्दी से तंग आ चुके हैं. यहां मकान और जमीन छीन ली जाती है. अब सामान्य आदमी कहां जाएगा? जब तक सरकार नहीं बदलेगी तब तक ये सब जारी रहेगा. यूपी में परिवर्तन की लहर नहीं, आंधी चल पड़ी है. उन्होंने कहा, ऐसा लग रहा है कि आने वाले चुनाव में यूपी का हर नागरिक परिवर्तन का संकल्प पूरा करने के लिए जी जान से जुट गया गया है.

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