साल का आखिरी सूर्य ग्रहण आज लगेगा. यह ग्रहण सुबह 8 बजकर तीन मिनट पर लगेगा. इस सूर्य ग्रहण को देश के दक्षिणी भाग में कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के हिस्सों देखा जा सकेगा जबकि देश के अन्य हिस्सों में यह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देगा. यह ग्रहण एक खास खगोलीय घटना होगी, क्योंकि इस दिन सूर्य ‘रिंग ऑफ फायर’ की तरह दिखेगा.

भारत के अलावा ये पूर्वी यूरोप, उत्तरी-पश्चिम ऑस्ट्रेलिया और पूर्वी अफ्रीका में भी देखा जा सकेगा. आंशिक सूर्य ग्रहण सुबह 8.03 मिनट से शुरू होगा और सूर्य ग्रहण सुबह 9.24 से चंद्रमा सूर्य के किनारे को ढकना शुरू करेगा, पूर्ण सूर्य ग्रहण सुबह 9.26 पर दिखाई देगा. वहीं, सुबह 11.05 बजे तक यह सूर्य ग्रहण खत्म हो जाएगा. इस ग्रहण की अवधि 3 घंटे 12 मिनट होगी. अगला सूर्य ग्रहण भारत में 21 जून, 2020 को दिखाई देगा.

सूर्य ग्रहण देखने के समय बरते ये सावधानी

एक वरिष्ठ खगोल विज्ञानी ने कहा है कि 26 दिसंबर को होने वाले सूर्य ग्रहण देखने वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए और उन्हें सुरक्षित उपकरणों और उचित तकनीकों का उपयोग करना चाहिए क्योंकि सूर्य की अवरक्त और पराबैंगनी किरणें आंखों को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर सकती हैं. सूर्य ग्रहण तब होता है जब सूर्य और पृथ्वी के बीच चन्द्रमा आ जाता है और सूर्य पूरी तरह से या आंशिक रूप से ढक जाता है.

एमपी बिड़ला प्लेनेटोरियम के निदेशक देवी प्रसाद दुआरी के अनुसार सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा का व्यास सूर्य से छोटा होता है और सूर्य के अधिकांश प्रकाश को ढक लेता है. इसके कारण सूर्य अग्नि की अंगूठी के समान दिखाई देता है.

दुआरी ने कहा कि किसी व्यक्ति को उचित सुरक्षा के बिना थोड़ी देर के लिए भी सीधे सूर्य की ओर नहीं देखना चाहिए. यहां तक ​​कि जब सूर्य का 99 प्रतिशत हिस्सा आंशिक ग्रहण के दौरान चंद्रमा द्वारा ढक लिया जाता है, तब भी शेष प्रकाश आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है. उन्होंने कहा कि विकिरण से बचाव में सक्षम ऑप्टिकल घनत्व वाले सौर फिल्टर आंखों के लिए सुरक्षित हैं और उनका उपयोग देखने के लिए करना चाहिए. नग्न आंखों से ग्रहण को नहीं देखना चाहिए. उन्होंने कहा कि वेल्डर ग्लास संख्या 14 सौर फिल्टर के रूप में एक सुरक्षित सामग्री है. उनके अनुसार, सूर्य ग्रहण देखने की सबसे अच्छी विधि उपयुक्त सतह पर दूरबीन या पिनहोल कैमरा का उपयोग है.