मुंबई: देशभर में गणेश उत्सव जोर शोर से मनाया जा रहा है. लेकिन मुंबई सहित महाराष्ट्र में गणेश उत्सव की धूम है. यहां गली-गली गणपति बाप्पा विराजमान हैं.देश के अलग अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग गणेश उत्सव में हिस्सा लेने पहुंचते हैं.तो वहीं महाराष्ट्र गांवो में भी पारंपरिक तरीके से धूमधाम से गणेश उत्सव मनाया जा रहा है.

गणेश चतुर्थी से शुरू होने वाला गणेश उत्सव का त्यौहार पूरे दस दिन मनाया जाता है और 11वें दिन अनन्त चतुर्दशी के दिन समाप्त होता है. हालाकिं लोग अपने पारिवारिक मूल्यों और परंपरा के अनुसार डेढ़ दिन, पांच दिन और सात दिनों के लिए अपने घरों में गणेश जी की स्थापना करते हैं और विधि विधान से पूजा अर्चना करने के बाद बाप्पा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है.

गणेश उत्सव में गणेश मंडलों की भी अहम भूमिका होती हैं. इन मंडलों द्वारा बनाई जाने वाली झांकिया देखने लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है और लोग घंटो तक लाइन में खड़े रहकर अपनी बारी आने का इंजतार करते हैं. तो ऐसे में नज़र डालते हैं महाराष्ट्र के 10 सबसे अमीर गणपति मंडलों पर, जहां गणेश भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है.

दगडू सेठ हलवाई गणपति मंडल: पुणे स्थित दगडू सेठ हलवाई गणपति मंडल महाराष्ट्र के सबसे अमीर गणपति मंडलों में गिना जाता है. खासबात ये हैं कि गणेश उत्सव के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से यहां के लिए आने वालों भक्तों का इंश्योरेंस भी करवाया जाता है.

लालबाग का राजा मंपति मंडल: अब लालबाग का राजा गणपति मंडल को आखिर कौन नहीं जानता. मुंबई स्थित लाल बाग के राजा के दर्शन करने के लिए हर साल लाखों की भीड़ उमड़ती है. है. साथ ही यहां हर साल करोड़ों का चढ़ावा भी चढ़ता है. जिसकी बाद में नीलामी की जाती है.

भंडारकरचा राजा : मुंबई के माटुंगा में भंडारकर रोड स्थित सार्वजनिक सेवा समिति पंडाल गणेश उत्सव के दौरान करीब बीस हजार लोगों के खाने की व्यवस्था करता है. खास बात ये हैं कि पंडाल इसकी व्यवस्था स्वयं करता है और स्थानीय लोगों से किसी भी प्रकार की सहायता नहीं ली जाती है.

जीएसबी गणेश उत्सव मंडल : मुंबई के वडाला स्थित जीएसबी गणेश उत्सव मंडल काफी जाना माना नाम है. लालबाग के राजा के दर्शनों के बाद भक्त जीएसबी गणेश उत्सव मंडल में विघ्नहर्ता के दर्शनों के लिए जरुर आते हैं. गौड़ सारस्वत ब्राम्हण समाज द्वारा साल 1955 में इस मंडल की स्थापना की गई थी.

मुंबई का राजा : मुंबई के लालबाग स्थित गणेश गली के गणपति काफी प्रसिद्ध हैं. जो मौजूदा सभी मंडलों में सबसे पुराना है. लालबाग सार्वजानिक उत्सव मंडल की तरह इसकी साल 1928 में इसकी शुरुआत हुई थी. इस मंडल की खासियत ये हैं कि दस दिनों तक चलने वाले इस त्यौहार के दौरान रामायण और महाभारत के साथ साथ भक्तों के लिए क्षेत्रीय और देश की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती फिल्मों की स्क्रीनिंग की जाती हैं. जिससे यहां आने वाले भक्तों को देश के गौरवमय इतिहास से रूबरू कराया जा सके.

गिरगांव का राजा: मुंबई के गिरगांव स्थित इस गणपति मंडल द्वारा स्थापित भगवान विनायक की प्रतिमा की भव्यता देखते ही बनती है. यहां स्थापित गणेश मूर्ति एको फ्रेंडली होने के साथ ही सबसे ऊँची भी होती है. साल 1928 में रामचंद्र तेंदुलकर ने इसकी शुरुआत की थी. जो उस वक्त मंडल के ट्रेजरर बनाए गए थे.

खेतवाडी के गणपति : मुंबई के खेतवाडी के गणपति को गणेश भगवान की सबसे ऊँची मूर्ति बनाने का गौरव प्राप्त है. साल 2000 में खेतवाडी गणपति मंडल ने भगवान परशुराम के अवतार वाली 40 फिट ऊँची मूर्ति बनाकर रिकार्ड कायम किया था. जो देश के इतिहास में अब तक सबसे ऊँची मूर्ति है.

अंधेरी का राजा : मुंबई के अंधेरी स्थित इस गणपति मंडल की भव्यता देखते ही बनती है. गणेश उत्सव के दौरान बॉलीवुड से जुड़ी तमाम हस्तियां यहाँ गणपति बाप्पा दे दर्शनों के लिए आती हैं. बताया जाता है कि तक़रीबन 50 साल पहले मुंबई के लालबाग के रहने वाले कुछ मजदूर जब वेस्टर्न मुंबई के अंधेरी इलाके में रहने आये तो उन्होंने इसकी शुरुआत की थी. जिसके बाद साल 1966 में आजाद नगर सार्वजनिक उत्सव समिति की स्थापना हुई.

क़स्बा गणपति मंडल: पुणे स्थित कब्सा गणपति मंडल काफी प्रसिद्द है. बताया जाता है कि शिवाजी की माता जीजा बाई ने कब्सा गणपति मंदिर की स्थपना की थी. जिसके बाद से गणेशोत्सव की परंपरा चली आ रही है.