उत्तर प्रदेश के कन्नौज में शुक्रवार रात भीषण सड़क हादसा हुआ जिसमें मरने वालों का आंकड़ा अभी तक सामने नहीं आ स‍का है. कानपुर रेंज के आईजी की मानें तो हादसा इतना भयानक था कि शव बुरी तरह जल गये हैं और सिर्फ डीएनए टेस्ट से ही मौत का स्पष्ट आंकड़ा पता चल पाएगा.

बताया जा रहा है कि बस के अंदर से अभी तक शव को निकालने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हुई है.

आईजी ने बताया कि करीब 20 लोग लापता हैं, संभव है कि उनकी मौत हो चुकी हो. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने ट्वीट किया कि उत्तर प्रदेश के कन्नौज में हुए भीषण सड़क हादसे के बारे में जानकर अत्यंत दुख पहुंचा है..इस दुर्घटना में कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है..मैं मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करता हूं, साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं…

बताया जा रहा है कि ट्रक और प्राइवेट स्लीपर बस के बीच भीषण टक्कर हो गयी जिसके बाद दोनों वाहन आग का गोला बन गये. हादसे के बाद 25 लोगों को बचा लिया गया है जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इधर, सूबे के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया है जबकि घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा योगी सरकार देगी.

स्लीपर कोच बस फर्रुखाबाद से खुली थी जो छिबरामऊ होते हुए जयपुर की ओर जा रही थी. वहीं, ट्रक ने कन्नौज के बेवर से कानपुर का रुख किया था. हादसा बीती रात करीब 8 बजे की बतायी जा रही है. खबरों के अनुसार स्लीपर कोच बस में फंसे यात्रियों को निकलने तक का मौका नहीं मिल सका और वे अपनी जान गंवा बैठे. बस में जैसे ही आग लगी कुछ लोग गेट और खिड़कियों के रास्ते कूदे गये जबकि बस में सो रहे या ऊंघ रहे यात्री बाहर ही नहीं निकल सके. बस में करीब 45 यात्री सवार थे.

कन्नौज में हुए सड़क हादसे के संबंध में कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल ने जानकारी दी. उन्होंने बताया कि हादसे के बाद 25 लोगों को बचा लिया गया है. इनमें से 12 का इलाज मेडिकल कॉलेज तिर्वा में कराया जा रहा है जबकि 11 घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया है. हादसे के बाद 2 लोग पूरी तरह से सुरक्षित थे जिन्हें प्रशासन ने घर भेज दिया.

आगे आईजी की ओर से जानकारी दी गयी कि 18 से 20 लोग लापता है. उनके जिंदा बचे होने की संभावना कम है. बस के अंदर शव बुरी तरह जल चुके हैं, हड्डियां वहां बिखरी हुईं हैं. सिर्फ डीएनए टेस्ट से ही मौत के सही आंकड़ों का पता चल सकेगा.