प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की विशेष अदालत ने साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी धन के घोटाले के मामले में एक पूरक आरोप पत्र दायर होने के बाद आरोपी व झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा एवं उनके 10 सहयोगियों के खिलाफ शुक्रवार को समन जारी किये।

ईडी के वरिष्ठ विशेष अभियोजक एस आर दास ने बताया कि लगभग 3500 करोड़ रुपए के हवाला मामले में कोड़ा एवं उसके 10 सहयोगियों व कुछ कंपनियों के खिलाफ दाखिल पूरक आरोप पत्र पर निदेशालय की विशेष अदालत ने संज्ञान लेते हुए आरोपियों को समन जारी किये।

दास ने अदालत में कहा कि आरोपियों ने काले धन को सफेद करने के लिए दर्जनों कंपनियां बनाई। ईडी की जांच में जैसे-जैसे खुलासा हो रहा है, इन कम्पनियों एवं उसके निदेशकों को आरोपी बनाया जा रहा है। बहस सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश एके मिश्रा ने आरोपियों को अदालत में तलब कर लिया।

मामले की अगली सुनवाई 22 मई को होगी। मधु कोड़ा एवं अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले भी आरोपपत्र और पूरक आरोपपत्र अदालत में दायर हो चुका है।

अदालत ने मेसर्स खलारी सिमेंट प्रा. लि. कोलकाता के निदेशक बरियातू रोड निवासी राम स्वरूप रूगंटा व बेटे संजय रूगंटा, मेसर्स विनी आयरन एंड स्टील उद्योग प्रा. लि. कोलकाता के निदेशक कोलकाता निवासी अमित शर्मा, मेसर्स बिल बॉडी व्यापार प्रा. लि. कोलकाता व मेसर्स समृद्धि स्पंज प्रा. लि. जमशेदपुर के निदेशक सोनारी जमशेदपुर निवासी तरुण कांती पॉल, मेसर्स क्वांटम पावरटेक प्रा. लि. नई दिल्ली के निदेशक हवाई नगर रांची निवासी ब्रजेश कुमार सिंह व रोहिताश कृष्णन, मेसर्स भारत ग्लास ट्यूब प्रा. लि. अहमदाबाद के निदेशक दिल्ली निवासी लक्ष्मी कान्त खेमका, मेसर्स कोल्हान ट्रेडिंग प्रा. लि. जमशेदपुर के निदेशक सोनारी जमशेदपुर निवासी सौभिक चट्टोपाध्याय, मेसर्स लक्की प्रोजेक्ट लिमिटेड कोलकाता के निदेशक विजय जोशी एवं मेसर्स शिवंस स्टील प्रा. लि. कोलकाता, कोल्हान ट्रेडिंग जमेशदपुर और इंडिया कार मोटर्स के निदेशक विकास सिन्हा के खिलाफ मामले का संज्ञान लिया है।

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