दिल्ली।बाबा रामदेव ने कहा कि पतंजली ने कोरोनिल नामक दवा तैयार कर ली है जो पूरी तरह से आयुर्वेद की विधि से बनी है और अगले सात दिनों में पतंजलि के स्टोर पर मिलेगी। इसके अलावा सोमवार को एक ऐप लॉन्च किया जाएगा जिसकी मदद से घर बैठे ही बुकिंग कर आप यह दवाई मंगा सकते है।
यह है कोरोना वायरस की पहली आयुर्वेदिक दवाई, ग्लेनमार्क की भी अलोपैथीक दवा बाज़ार मे जल्द होगी उप्लब्ध

अगले 7 दिनों में पतंजलि स्टोर पर मिलेगी दवा, ऐप्प के जरिये भी मंगा सकते है कोरोनिल

योगगुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजली ने सबसे आगे निकलते हुए यह दावा किया है कि उसने कोरोना वायरस को मात देने वाली दवा तैयार कर ली है। मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वामी रामदेव ने कहा कि दुनिया इसका इंतजार कर रही थी कि कोरोना वायरस की कोई दवाई निकले। उन्होंने कहा कि आज हमें गर्व है कि कोरोना वायरस की पहली आयुर्वेदिक दवाई को पतंजली ने तैयार कर ली है। इस आयुर्वेदिक दवाई का नाम कोरोनिल है। उन्होंने यह भी बताया कि इस दवा को कहां से और कैसे खरीदा जा सकता है।
स्वामी रामदेव ने कहा कि आयुर्वेद की विधि से बनी दवाई कोरोनिल अगले सात दिनों में पतंजलि के स्टोर पर मिलेगी जबकि इसके अलावा सोमवार को एक ऐप लॉन्च किया जाएगा जिसकी मदद से घर पर यह दवाई पहुंचाई जाएगी।

स्वामी रामदेव ने कहा कि आज ऐलोपैथिक सिस्टम मेडिसिन को लीड कर रहा है। हमने कोरोनिल बनाई है जिसमें हमने क्लीनिकल कंट्रोल स्टडी की और सौ से ज्यादा लोगों पर इसका टेस्ट किया गया। तीन दिन के अंदर 65 फीसदी रोगी पॉजिटिव से नेगेटिव हो गए। योगगुरु रामदेव ने कहा कि सात दिन में सौ फीसदी लोग ठीक हो गए, हमने पूरी रिसर्च के साथ इसे तैयार किया है। हमारी दवाई का शत प्रतिशत रिकवरी रेट है और जीरो डेथ रेट है। रामदेव ने कहा कि भले ही लोग अभी हमसे इस दावे पर प्रश्न करें, हमारे पास हर सवाल का जवाब है। हमने सभी वैज्ञानिक नियमों का पालन किया है।

योगगुरु रामदेव ने कहा कि इस दवाई को बनाने में सिर्फ देसी सामान का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें मुलैठी-काढ़ा समेत कई चीज़ों को डाला गया है। साथ ही गिलोय, अश्वगंधा, तुलसी, श्वासारि का भी इस्तेमाल किया गया है।

विजय शुक्ल
       विजय शुक्ल